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महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग - मंदिर से जुड़े तथ्य, वस्तुकला , पौराणिक कथा , पूजा पद्धति और आरती , माहात्म्य।

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                उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग  वहा  पर की जाने वाली भस्मारती के लिए विश्वभर में विख्यात हे।  क्षिप्रा नदी के किनारे बसा उज्जैन शहर हिंदुओ की सप्तपुरी में शामिल हे और भगवान शिव को  बहुत प्रिय हे , प्राचीन समय में इस शहर को उज्जियिनी या फिर अवन्तिका के नाम से भी जाना था।  भगवान शिव के १२ ज्योतिर्लिंगों में महाकालेश्वर को तीसरा स्थान प्राप्त हे, परंतु इस ज्योतिर्लिंग को सर्वोत्तम ज्योतिर्लिंग का दर्जा प्राप्त हे।  कहा जाता हे , '' आकाशे तारकं  लिंगं पाताले हाटकेश्वरम, भूलोके च महाकाले लिङ्गत्रय नमोस्तुते। '' - आकाश में तारक शिवलिंग , पाताल में हाटकेश्वर और भूलोक में महाकाल ही मान्य शिवलिंग हे।                      महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग को सदियों पुराना माना जाता हे , और उसके प्रागट्य के बारे में भी अनेक कथाये प्रचलित हे।  एक कथा के अनुसार , प्राचीन अवंतिका नगर में राजा चन्द्रसेन का रा...

जानिए भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग - स्थान , इतिहास और माहात्म्य के बारे में।

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               सावन का महीना शुरू होते ही त्योहारों के ताते लग जाते हे।  एक ख़तम हुआ नहीं की दूसरे त्यौहार की तयारी में लग जाओ... हरियाली तीज , नागपंचमी , छठ , शीतला सातम, जन्माष्टमी, रक्षाबंधन और अनगिनत।  हर कोई अपनी परंपरा   के अनुसार त्यौहार मनाता हे , पर महीनेभर के लिए शिवमंदिरो में शिवभक्तों की भीड़ लगी रहती हे। सावन के सोमवार के और अमास के दिन तो ये भक्तो की भीड़ अपनी पराकाष्ठा को छू जाती हे।  हमारे देश में ऐसे बहुत सारे शिवमंदिर हे जो अपने पौराणिक , ऐतिहासिक या फिर चमत्कारिक महत्व के लिए जाने जाते हे, पर भगवान शिव के १२ ज्योतिर्लिंग का स्थान सर्वोच्च हे।                 शिव पुराण की कथा के अनुसार , एक बार भगवान विष्णु और भगवान ब्रम्हा के बीच बहस हुइ की दोनों में सर्वोच्च कौन ? दोनों शिवजी के पास गए , तब भगवान शिव ने एक अनंत ज्योतिस्तंभ की रचना की और उनसे कहा की इस स्तंभ के दोनों छोर कहा हे बताये।  तब भगवान विष्णु ने हार मान ली , पर भगवान ब्रम्हा ने...